आयकर विभाग ने स्पष्ट किया है कि उच्च-मूल्य नकद लेनदेन (High-Value Cash Transactions) पर सख्त कार्रवाई होगी और इसके उल्लंघन पर जुर्माना उतनी ही राशि का होगा जितना लेन-देन किया गया है।
टैक्स सलाहकार प्लेटफॉर्म TaxBuddy ने एक मामला बताते हुए कहा कि राहुल ने आपात स्थिति में अपने दोस्त से ₹1.2 लाख नकद उधार लिया। आयकर अधिनियम की धारा 269SS के तहत ₹20,000 या उससे अधिक नकद में ऋण, जमा या अग्रिम लेना प्रतिबंधित है। उल्लंघन करने पर धारा 271DA के तहत जुर्माना पूरे प्राप्त धन के बराबर लगेगा — यहां ₹1.2 लाख।
महत्वपूर्ण नियम और सीमाएं
- धारा 269ST: एक ही व्यक्ति से ₹2 लाख या अधिक नकद एक दिन में, या एक लेनदेन/कार्यक्रम के लिए लेने पर जुर्माना उतनी ही राशि का लगेगा।
- धारा 269T: ₹20,000 या अधिक के किसी भी ऋण या जमा को नकद में चुकाने पर भी समान पेनल्टी लागू होगी।
- व्यापार नकद भुगतान: एक व्यक्ति को एक दिन में ₹10,000 से अधिक नकद भुगतान करने पर वह खर्च टैक्स कटौती योग्य नहीं रहेगा।
- दान और बीमा: ₹2,000 से अधिक नकद दान पर धारा 80G के तहत टैक्स छूट नहीं। बीमा प्रीमियम डिजिटल माध्यम से भुगतान करना जरूरी (₹5,000 तक के प्रिवेंटिव हेल्थ चेक-अप को छोड़कर)।
बैंकों से नकद निकासी पर TDS
- एक वित्त वर्ष में ₹1 करोड़ से अधिक नकद निकासी पर 2% TDS।
- पिछले 3 वर्षों में आयकर रिटर्न फाइल नहीं करने वालों के लिए ₹20 लाख सालाना से अधिक नकद निकासी पर 5% TDS।
टैक्स विशेषज्ञों की सलाह
बड़े लेनदेन के लिए बैंक ट्रांसफर, UPI या चेक का इस्तेमाल करें। इससे नियमों का पालन होगा, पेनल्टी से बचेंगे और पूरा दस्तावेजी रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा।
अस्वीकरण: आयकर विभाग के नियम समय-समय पर बदल सकते हैं। इस लेख में दी गई जानकारी वर्तमान नियमों पर आधारित है, लेकिन भविष्य में इनमें संशोधन संभव है। किसी भी लेन-देन या कर से संबंधित निर्णय लेने से पहले आधिकारिक सरकारी स्रोत या कर विशेषज्ञ से परामर्श करना आवश्यक है। इस सामग्री के आधार पर लिए गए निर्णयों के लिए लेखक या प्रकाशक जिम्मेदार नहीं होंगे।