भारतीय ऑटोमोबाइल जगत में एक बड़ा धमाका हुआ है! टाटा मोटर्स ने दुनिया की जानी-मानी वाणिज्यिक वाहन कंपनी इवेको ग्रुप NV को 100% हिस्सेदारी के साथ खरीदने का ऐलान किया है—और वो भी एक ऑल-कैश डील में।
कीमत? चौंकाने वाली ₹34,600 करोड़ (लगभग 3.8 अरब यूरो)!
क्या है डील की खास बातें?
- यह एक पूरी तरह नकद (Cash) डील है।
- इसमें इवेको का डिफेंस कारोबार शामिल नहीं है।
- डील को पूरा होने के लिए यूरोपीय यूनियन और अन्य नियामकों की मंज़ूरी जरूरी होगी।
- सम्भावित समयसीमा: अप्रैल 2026 तक।
शेयरधारकों को मिलेगा बंपर रिटर्न!
इवेको के शेयरहोल्डर्स को प्रति शेयर 14.1 यूरो मिलेंगे। डिफेंस यूनिट की बिक्री से मिलने वाला डिविडेंड 5.5–6.0 यूरो प्रति शेयर होगा, जिससे कुल रिटर्न 19.6–20.1 यूरो प्रति शेयर तक पहुंच जाएगा।
यह राशि पिछले तीन महीनों के औसत कीमत से 34–41% अधिक है!

इवेको है कौन?
इवेको ग्रुप की स्थापना जून 2021 में हुई थी, जिसका मुख्यालय ट्यूरिन, इटली में है। कंपनी ट्रक, बस, पावरट्रेन और फाइनेंस सर्विसेस से जुड़ी है।
2024 में इसका कुल राजस्व 15.3 अरब यूरो रहा। इवेको की उपस्थिति 30 से अधिक देशों में है, विशेषकर यूरोप, भारत और अमेरिका में।
टाटा मोटर्स को क्या मिलेगा?
- संयुक्त इकाई हर साल 5.4 लाख वाणिज्यिक वाहन बेचेगी।
- कुल अनुमानित राजस्व: 22 अरब यूरो.
- क्षेत्रीय राजस्व योगदान:
- यूरोप: 50%
- भारत: 35%
- अमेरिका व अन्य देश: 15%
डील के पीछे कौन-कौन?
Exor N.V., जो इवेको का सबसे बड़ा शेयरधारक है (27.06%), इस डील का समर्थन कर चुका है।
इवेको बोर्ड ने भी सर्वसम्मति से टाटा के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
एन. चंद्रशेखरन का विजन
“इवेको का अधिग्रहण टाटा मोटर्स की रणनीतिक दिशा का अगला बड़ा कदम है। भारत और यूरोप की संयुक्त ताकत हमें वैश्विक मंच पर प्रतिस्पर्धा करने में मदद करेगी। हमारी पूरक क्षमताएं इस समूह को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगी।”
– एन. चंद्रशेखरन, चेयरमैन, टाटा संस
हमारी राय में
टाटा मोटर्स ने इवेको को खरीदकर न केवल यूरोप के प्रतिष्ठित ब्रांड को अधिग्रहित किया है, बल्कि अपने वैश्विक नेतृत्व के सपने को भी मजबूत आधार दिया है।
यह डील भारतीय ऑटो जगत का एक ऐतिहासिक मोड़ है, जिससे भारत एक बार फिर वैश्विक स्टेज पर चमक रहा है।