जिला-वार मौतें
कुल मृतकों में से 158 लोगों की मौत बारिश से जुड़ी आपदाओं जैसे कि भूस्खलन, अचानक आई बाढ़, बादल फटना, डूबना, बिजली गिरना और करंट लगने से हुई। इसके अलावा 152 लोगों की जान सड़क दुर्घटनाओं में गई, जिनकी संख्या फिसलन भरी सड़कों, कम दृश्यता और भूस्खलन से गिरे मलबे के कारण बढ़ गई।
| जिला | बारिश-जनित मौतें | सड़क हादसों में मौतें |
|---|---|---|
| कांगड़ा | 30 | 19 |
| मंडी | 29 | 22 |
| चम्बा | 14 | 22 |
| किन्नौर | 14 | 14 |
| कुल्लू | 13 | 13 |
| सोलन | – | 16 |
| शिमला | – | 15 |
| बिलासपुर | – | 7 |
सड़कें और कनेक्टिविटी
राज्य में 670 से अधिक सड़कें बंद हैं, जिनमें तीन राष्ट्रीय राजमार्ग भी शामिल हैं।
| जिला | बंद सड़कें | राष्ट्रीय राजमार्ग स्थिति |
|---|---|---|
| मंडी | 342 | NH-03 (बंद) |
| कुल्लू | 131 | NH-305 (बंद) |
| किन्नौर | – | NH-05 (निगुलसरी ट्रांडा पर बंद) |
| चम्बा | कई मार्ग अवरुद्ध | – |
| शिमला | कई मार्ग अवरुद्ध | – |
बिजली और पानी की आपूर्ति
1,413 बिजली ट्रांसफॉर्मर ठप हो गए हैं और 420 जल आपूर्ति योजनाएं प्रभावित हुई हैं। सबसे अधिक असर कुल्लू, मंडी और कांगड़ा जिलों में पड़ा है।
संपत्ति को नुकसान
अब तक का कुल नुकसान ₹2,450 करोड़ से अधिक आँका गया है।
- सड़कें: ₹1310.79 करोड़
- जल शक्ति विभाग: ₹769.74 करोड़
- बिजली क्षेत्र: ₹139.46 करोड़
शैक्षणिक संस्थान बंद
चम्बा, कांगड़ा, ऊना, लाहौल-स्पीति, बिलासपुर, हमीरपुर और कुल्लू उपमंडलों में सभी स्कूल-कॉलेज और प्रशिक्षण संस्थान बंद कर दिए गए हैं।
प्रशासन की अपील
लोगों से अपील की गई है कि वे नदियों के किनारे न जाएं और अनावश्यक यात्रा से बचें।
स्रोत: SDMA, SEOC