बीमा नियामक संस्था IRDAI ने पॉलिसीबाजार पर बीमा अधिनियम और IRDAI (इंश्योरेंस वेब एग्रीगेटर्स) विनियम, 2017 की विभिन्न धाराओं के तहत 11 आरोपों के उल्लंघन के चलते कुल
5 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है।
IRDAI ने अपनी हालिया जांच में पाया कि —Policybazaar (बीमा वेब एग्रीगेटर) कुछ खास बीमा योजनाओं को ”Best” और ‘‘Top Plans’’ बताकर न सिर्फ उपभोक्ताओं को गुमराह कर रही थी, बल्कि पक्षपातपूर्ण प्रचार भी कर रही थी।
पॉलिसी बाज़ार एक बीमा वेब एग्रीगेटर है जिसका काम विभिन्न कंपनियों की बीमा पॉलिसियों के बारे में जानकारी संकलित करके एक वेबसाइट पर उपलब्ध कराना है। वे बीमा कंपनी की वेबसाइट सहित विभिन्न स्रोतों से डेटा एकत्र करते हैं और इस डेटा को संकलित करके इसे संभावित बीमा पॉलिसी खरीदारों के लिए प्रस्तुत करने योग्य बनाते हैं।
सिर्फ चुनिंदा कंपनियों की योजनाएं ही ‘बेस्ट’ क्यों?
जून 2020 के पहले सप्ताह (1 से 5 जून) के दौरान वेबसाइट की जांच के दौरान देखा गया कि ULIP (यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान्स) सेक्शन में सिर्फ 5 कंपनियों की योजनाएं टॉप पर दर्शाई गई थीं:
- Bajaj Allianz Goal Assure
- Edelweiss Tokio Wealth Gain+
- HDFC Click2Wealth
- SBI Life e-Wealth Insurance
- ICICI Signature
हालांकि, Policybazaar के पास कई अन्य बीमा कंपनियों के साथ भी समझौते थे जो ULIPs ऑफर करती हैं—पर उनकी कोई झलक वेबसाइट पर नहीं थी।
हेल्थ इंश्योरेंस सेक्शन में भी था इशारा साफ़
इसी तरह हेल्थ इंश्योरेंस सेक्शन में भी वेबसाइट ने “Top Health Plans” नाम से 12 बीमाकर्ताओं की योजनाओं को प्रमुखता से रैंकिंग में दिखाया, जबकि वास्तव में 23 बीमाकर्ताओं के साथ कंपनी के समझौते मौजूद थे।
ऐसा स्पष्ट रूप से संकेत देता है कि प्लेटफॉर्म ने कुछ चुनिंदा कंपनियों को तरजीह दी, जिसका मतलब साफ तौर पर एकतरफा प्रचार है—जो ग्राहक को एक सीमित और पक्षपाती परिप्रेक्ष्य देता है।
“Top”, “Best”, “No.1” — लेकिन किस आधार पर?
IRDAI ने टिप्पणी की कि ये टैगलाइनें—“Best”, “Top”, या “No.1”—तभी इस्तेमाल की जा सकती हैं जब:
- उनके पीछे सत्यापन योग्य, तृतीय पक्ष डेटा हो,
- जो खुले तौर पर उपभोक्ताओं के सामने पेश किया गया हो,
- और ऐसा प्रचार नियमों के पूरी तरह अधीन हो।
लेकिन Policybazaar के इस प्रदर्शन में ऐसा कोई प्रत्यक्ष डाटा या मापदंड नहीं बताया गया था, जिससे यह साबित हो सके कि ये योजनाएं वाकई बेस्ट हैं।
उपभोक्ता की पसंद को सीमित करना और पारदर्शिता की कमी
इस तरह का प्रचार ग्राहक की स्वतंत्र पसंद को सीमित कर देता है। उसे बाकी संभावित बेहतर विकल्पों से वंचित कर सकता है और बीमा योजनाओं की पारदर्शी तुलना में बाधा बनता है।
नतीजा: कंपनियों की निष्पक्ष ब्रांडिंग की बजाय, कुछ चुनिंदा योजनाओं का ‘हाइप’ तैयार किया गया—जो केवल नियम-विरोधी ही नहीं, बल्कि ग्राहक हितों के भी खिलाफ है।