बेंगलुरु का व्यस्त कलासीपल्या BMTC बस स्टैंड बुधवार को उस समय एक हाई-सिक्योरिटी ज़ोन में बदल गया जब वहां एक लावारिस बैग से विस्फोटक सामग्री बरामद हुई।
घटना की शुरुआत तब हुई जब पब्लिक टॉयलेट में काम करने वाले एक कर्मचारी ने बताया कि एक शख्स टॉयलेट इस्तेमाल करने के बाद एक बैग छोड़ गया था। पहले तो स्टाफ ने सोचा कि शायद कोई लौटकर उसे लेने आएगा, लेकिन जब काफी देर तक कोई नहीं आया, तो सुरक्षा कर्मियों को सतर्क किया गया।
बैग खोलते ही पुलिस और कर्मचारियों के होश उड़ गए — अंदर से 6 जिलेटिन की छड़ें और उनसे अलग से लपेटे हुए डेटोनेटर बरामद हुए। जिलेटिन आमतौर पर खनन और निर्माण कार्यों में इस्तेमाल होने वाला सस्ता लेकिन शक्तिशाली विस्फोटक होता है। मौके पर तुरंत पहुंची पुलिस और आतंकवाद विरोधी दस्ते (ATS) ने पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर ली और तलाशी अभियान शुरू कर दिया।

पश्चिम क्षेत्र के पुलिस उपायुक्त ने बताया कि हालांकि अभी तक FIR दर्ज नहीं हुई है, लेकिन घटनास्थल की गहन जांच की गई है और सभी खुफिया एजेंसियों को सतर्क कर दिया गया है।प्रारंभिक जांच के अनुसार, यह “डेड ड्रॉप” का मामला हो सकता है — यानी अवैध वस्तुएं किसी स्थान पर छिपाकर रख दी जाती हैं ताकि बाद में कोई और व्यक्ति उन्हें उठा सके।
पुलिस का कहना है कि इस तरह के जिलेटिन स्टिक्स आमतौर पर आंध्र प्रदेश के अनंतपुर, कोलार, और तमिलनाडु की खदानों में इस्तेमाल होते हैं।यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी एक अन्य बस स्टैंड पर KSRTC की बस में लावारिस बैग से जिलेटिन की छड़ें मिली थीं, हालांकि तब उनमें डेटोनेटर नहीं थे, जिससे कोई तात्कालिक खतरा नहीं था।
फिलहाल, CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं, कई संदिग्धों से पूछताछ चल रही है, और जांच एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं। हालांकि अब तक किसी आतंकी संगठन या बड़े कार्यक्रम से इसका कोई सीधा संबंध नहीं मिला है।जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, इस मामले से जुड़ी और जानकारी सामने आने की उम्मीद है।