अमेरिकी टैरिफ बढ़ोतरी के विरोध में बहिष्कार
यह कदम अमेरिका द्वारा भारतीय निर्यात पर शुल्क को दोगुना कर 50% करने के बाद उठाया गया है, जो अब तक के सबसे ऊँचे शुल्कों में शामिल है। डॉ. मित्तल ने इस निर्णय को “पाखंड और दादागिरी” बताया और कहा कि भारत को ऐसे अनुचित दबाव के आगे नहीं झुकना चाहिए।
संविधान क्लब में प्रतीकात्मक घोषणा
गणेश चतुर्थी के अवसर पर राजघाट पर पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद दिल्ली के संविधान क्लब में डॉ. मित्तल ने स्पष्ट रूप से कहा, “एलपीयू में अमेरिकी सॉफ्ट ड्रिंक का बहिष्कार कर हम दुनिया को सन्देश देना चाहते हैं – भारत दबने वाला नहीं है।”
1905 के स्वदेशी आंदोलन से प्रेरणा
डॉ. मित्तल ने ऐतिहासिक 1905 स्वदेशी आंदोलन और बाल गंगाधर तिलक, लाला लाजपत राय, बिपिन चंद्र पाल, अरविंदो घोष जैसे नेताओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा, “अगर हमारे पूर्वज उपनिवेशकाल में आयात पर कटौती कर सके थे तो आज हम क्यों नहीं? अब समय है अमेरिका को हमारी ताकत और संकल्प दिखाने का।”
LPU में बहिष्कार लागू, देश भर से समर्थन
एलपीयू परिसर में बहिष्कार पहले ही लागू हो चुका है और डॉ. मित्तल के अनुसार देशभर से समर्थन मिल रहा है। उनका मानना है कि यदि यह प्रतीकात्मक कदम देशव्यापी आंदोलन में बदलता है तो अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर पड़ेगा।
अमेरिका को कड़ी चेतावनी
इससे पहले, डॉ. मित्तल ने X (पूर्व ट्विटर) पर चेतावनी दी थी: “अगर अमेरिका 50% टैरिफ बढ़ाता है, तो एलपीयू चुप नहीं बैठेगा।” उन्होंने बहिष्कार को लागू करने की गंभीरता को दोहराया।